महात्मा बुद्ध की कैसी थी भक्ति साधना

क्या बुद्घ को मोक्ष प्राप्ति हुई। 

महात्मा बुद्ध से सभी परिचित है। जिन्होंने जीवन जीने के कुछ शिख दी थी और बुद्ध ईश्वर के अस्तित्व को ना मानते थे ओर ना ही अपने अनुयाइयों को कहते थे कि भगवान है।

अपने उपदेशों में उन्होंने अनिश्वरवाद को समर्थन दिया है। पर इसके पीछे क्या कारण था कि उन्होंने ईश्वर के अस्तित्व को नकारा। आइए जानते है।
 गौतम बुद्ध (जन्म 563 ईसा पूर्व – निर्वाण 483 ईसा पूर्व) एक श्रमण थे जिनकी शिक्षाओं पर बौद्ध धर्म का प्रचलन हुआ। इनका जन्म लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व इक्ष्वाकु वंशीय क्षत्रिय शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। उनकी माँ का नाम महामाया था

बुद्ध भगवान को चाहने वाली एक पुण्य आत्मा थी लेकिन क्या भगवान को पाने के लिए बुद्ध ने शास्त्रों के ज्ञान को पढ़ा ??

नहीं। बुद्ध ने दूसरे की देखा देखी करके हठ योग किया को की शास्त्रों के विरुद्ध है। शास्त्रों जैसे चारो वेद ओर गीता में कहीं भी हठ योग का प्रमाण नहीं है । बुद्ध ने हठ योग से भगवान की खोज करने की कोशिश की लेकिन उन्हें भगवान नहीं मिले क्युकी यह परमात्मा प्राप्त करने की विधि नहीं है।

कबीर जी कहते है कि 

गुरु बिन वेद पढ़े जो प्राणी। समझे ना सार रहे अज्ञानी।।

महात्मा बुद्ध का कोई गुरु नहीं था जबकि कबीर जी कहते है कि शास्त्रों में प्रमाणित है कि तत्वदर्शी संत के बिना मोक्ष संभव नहीं । 
इससे सिद्ध होता है कि महात्मा बुद्ध को मोक्ष प्राप्ति नहीं हुई क्युकी उनकी विधि गलत थी। 

अधिक जानकारी के लिए अवश्ये देखिए साधना टीवी 7:30-8:30 

Comments

Popular posts from this blog

कबीर साहेब जी की लीलाएं

बाईबल में जीव के लिए परमात्मा का आदेश

दशहरा मनाना कितना उत्तम