नशे का खात्मा
मानव जीवन बहुत अनमोल है । क्योंकि ये 84 लाख योनियों के बाद इस योनि में जन्म मिलता है । जिस जीवन के लिए देवता भी तरसते है क्युकी एक मात्र यही शरीर धारी प्राणी सत भक्ति करके मोक्ष प्राप्ति कर सकते हैं अतः आप सोच सकते है कि मनुष्य जीवन कितना अनमोल है परन्तु फिर भी वर्तमान में सभी मनुष्य अपने मूल उद्देश्य से भटक के बुरे विकारों में लिप्त हो गया है नशाखोरी ओर बेईमानी लोगो में घर कर गई है ।
नशा लाखों परिवारों की खुशहाल जीवन को तहस नहस कर देता है क्युकी नशा मानव कि मस्तिष्क की सोचने ओर समझने कि शक्ति खो देता है अपने मानसिक संतुलन को खो बैठता है । कई परिवारों के उजड़ने की खबर हम रोज समाचार पत्रों में देखते है जिसमें नशे की वजह से कई बच्चे अनाथ हो जाते है ओर कई महिलाएं विधवा परन्तु फिर भी अधिकांश लोग नशे का शिकार है।
कई लोगो ने प्रयत्न भी के लिए इससे छुटकारा पाने के लिए लेकिन नशे कि लत से दूर नहीं हो पा । कई लोग नशा मुक्ति केंद्र भी जा लिए कई लाखो पैसे खर्च कर दिए पर ये छूटती नहीं है इसका क्या कारण है ।
मुख्य कारण है सत भक्ति नहीं करने ओर सत ज्ञान (तत्वज्ञान ) का किसी को भी ज्ञान ना होने के कारण लोग नशे जैसी बुरे विकारों में ग्रस्त है। यही तत्वज्ञान लोगो को हो तो वो कभी नशा करना तो दूर नशा करने में सहयोग भी ना करे। जैसा की वर्तमान में देखने को मिल रहा है तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जिन्होंने लोगो को अपने धर्म शास्त्रों के आधार पर सत भक्ति प्रदान कर उन्हें नशे जैसी कई विकारों से कोसो दूर कर दिया है मात्र अपने तत्वज्ञान आधार से जो कि वेदों , गीता , कुरान और बाइबल अर्थात् सभी धर्मो के धर्म शास्त्रों के आधार पर है ।
संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्य ना तो नशा करते है ओर ना ही नशे करने में सहयोग करते है क्युकी संत रामपाल जी महाराज कहते है नशा करने वाले से ज्यादा पाप नशे में सहयोग करने वाले को होता है
आज संत रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान को ग्रहण करके करोड़ों परिवार खुशहाल है जो कि पहले नशे कि वजह से पीड़ित थे लेकिन आज उनका परिवार खुशहाल ओर स्वस्थ है ।
अवश्ये देखिए साधना टीवी 7:30-8:30
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