खराब शिक्षा पद्धति
🏵️शिक्षा का महत्व 🏵️
हमारे देश में शिक्षा का प्राचीन समय से ही महत्व है। क्योंकि शिक्षा होने पर ही हम ज्ञान ग्रहण के सकते है । पुराने समय में शिक्षा का उद्देश्य अपने धर्म शास्त्रों को पढ़ कर उनका अनुसरण करना तथा अपना जीवन में संस्कारो को ग्रहण करना था परन्तु वर्तमान में शिक्षा पद्धति बदल गई है शिक्षा का उद्देश्य मात्र पैसे कमाना रह गया है किसी भी व्यक्ति को शिक्षा इस लिए दिलाई जाती है ताकि वह बड़ा होक एक अच्छी सी सरकारी नौकरी लग जाए ,मात्र इतना सा अर्थ रह गया शिक्षा का, जिससे कि शिक्षा पद्धति खराब होती जा रही है और अभी इसका बिगड़ा रूप हमारे सामने है।
🏵️वर्तमान समय मे शिक्षा से बिगड़ता समाज 🏵️
अपने आप को आधुनिक मानव कहने वाले लोगों में सभ्यता ओर संस्कार नाम कि कोई भी चीज नहीं है ओर ऐसा इसीलिए क्योकि शिक्षा से लोगों में चतुराई आ गई है लोग एक दूसरे से प्रेम से रहने के जगह एक दूसरे को हानि पहुंचाने की सोचते है
आपस में परिवारों में बनती नहीं क्युकी उच्च शिक्षा प्राप्त कर लोग अपनों से ही गेरो जैसा बर्ताव करने लग जाते है। जहां पर मनुष्य शिक्षा से अपने आप को ज्ञानवान समझ रहा है वहीं दूसरी ओर वह अपनी संस्कृति अपने धर्म और अपने परिवार से कोसों दूर जाता जा रहा है क्योंकि शिक्षा प्राप्त करके मनुष्य अपने आप को ज्ञानवान समझने लग जाता है
🏵️शिक्षा का मूल उधेश्य 🏵️
वर्तमान समय में देखा जा रहा है शिक्षा को लेकर सभी व्यक्ति जागृत हैं कि हर व्यक्ति के लिए शिक्षा अति आवश्यक है परंतु शिक्षा इतनी आवश्यक क्यों है शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल परमात्मा को पहचानना है क्योंकि शिक्षा से ही हम हमारे सद ग्रंथों का अध्ययन स्वयं कर सकते हैं और सभी ग्रंथों में जिस पूर्ण परमात्मा की भक्ति के बारे में बताया गया है और उनके जो शास्त्रों के अनुसार साधना है उसके बारे में हम जानकर और जो तत्वदर्शी संत हैं उनकी खोज करके हम उनसे नाम दीक्षा प्राप्त करके अपना कल्याण करा सकते है वर्तमान समय में केवल संत रामपाल जी महाराज ही एक ऐसे संत हैं जिन्होंने शास्त्रों के अनुसार सत भक्ति बतायी है आज वर्तमान समय में हर व्यक्ति शिक्षित है वह अपने सद ग्रंथों को स्वयं भी पढ़ सकते हैं और सही रहा क्या है इसको भी पहचान सकते हैं मात्र एक यही कारण है शिक्षा का हमारे जीवन में आना क्योंकि शिक्षा ना होने के कारण हमारे पूर्वज अंधश्रद्धा के तहत मनमाना आचरण और भक्ति करके चले गए परंतु आज शिक्षा का होने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि हमें पूर्ण मोक्ष दायक भक्ति का पता शिक्षा चला है तो आप भी इस शिक्षा का फायदा उठाकर एक बार अवश्य अपने सद ग्रंथ हो की तरफ अपना ध्यान दे क्योंकि यह मनुष्य जन्म एक बार मिलता है और परमात्मा प्राप्ति के लिए ही मिलता है वर्तमान समय में केवल संत रामपाल जी महाराज ही है जिन्होंने शिक्षा का वास्तविक अर्थ और महत्व क्या है इसके बारे में बताया है और शिक्षा से बिगड़ रहे समाज को सही रहा बतायी है संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्य आज के समय में ना ही नशा करते हैं और ना ही दहेज लेते हैं संत रामपाल जी महाराज जी का समाज सुधार में बहुत बड़ा योगदान है तो आप भी एक बार अवश्य पढ़ें उनके द्वारा लिखी गई अनमोल पुस्तक जीने की राह ज्ञान गंगा ,गीता तेरा ज्ञान अमृत , और अवश्य सुने साधना टीवी पर संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन रात्रि 7:30 से 8:30
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