🏵️ सत भक्ति करो,, रोग मुक्त हो जाओ 🏵️
वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में सिर्फ धन अर्जित करने और अपने परिवार को खुशहाल बनाने की कोशिश में जुटा है । परन्तु फिर भी जीवन में ऐसी समस्या आ जाती है कि वह हमारी खुशियों को समाप्त कर देती है । ऐसी ही समस्या है - रोग , जो हमारे जीवन में दुःख का कारण बनती हैं। ना चाहते हुए भी हम ऐसे रोगों का सामना करना पड़ता है जो हमने कभी सोचे भी नहीं थे और ऐसा इसलिए क्योकि वर्तमान में अधिकांश लोग भक्ति से कोसों दूर है । रोग होते क्यों है? इसका जवाब 👉🏻 हमारे जीवन में कोई भी समस्या होती है तो वो हमारे पिछले बुरे कर्मो का फल होता है ओर उन बुरे कर्मो को समाप्त सत भक्ति से किया जा सकता है ।
🏵️रोग बना महामारी🏵️
वर्तमान समय 2020 के शुरुवात में ही आयी एक ऐसी अदृश्य बीमारी जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं ढूंढ़ पाए है। ये एक प्रकार का रोग जिसका कोई समाधान अभी तक नहीं है। ये रोग या यूं कहें कि महामारी इस उच्च स्तर पर पहुंच गई है कि 3 लाख के आस पास मरने वालों की संख्या पहुंच चुकी है ओर ये संख्या बढ़ती जा रही है ।सम्पूर्ण विश्व में लगभग 20 लाख से ऊपर लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके है तथा इसमें भी तीव्र गति से उनकी संख्या में वृद्धि हो रही है। अब एक बार के लिए सोचे अपने दिमाग से कि इतनी टेक्नोलॉजी ओर तरक्की के बाद भी हम कुछ नहीं कर पा रहे ये महामारी लोगों को मारती जा रही है ओर शक्तिशाली देश भी मूक दर्शक बन कर रहे गए है। इसका कारण क्या है?
हम सोचे तो पता चलेगा की मानव अपने जीवन की इस भागदौड़ में जीवन का मूल उद्देश्य भूल चुका है क्युकी चारो तरफ लूट- मार है कोई किसको लूट रहा है कोई किसको हानि पहुंचा रहा है मात्र अपने स्वार्थ के लिए। कहने का अर्थ है कि मानवता खत्म सी हो गई है लोग जीवन में भक्ति को महत्व देना बन्द कर दिया है और बुरे कार्यों ओर आदतों में लिप्त हो गया है
अब आप ये सोच रहे हो कि इन बुराइयों से दूर केसे हो?
उसके लिए हमें चलना होगा हमारे पवित्र धर्म ग्रंथो की शिक्षाओं पर । उसके लिए शास्त्रों के अनुसार सत भक्ति करनी होगी क्युकी वर्तमान में भारत तथा अन्य कई देशों में लोग अपने शास्त्रों के विरुद्ध साधना कर रहे है ओर जिसका परिणाम सबके सामने है । इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए आवश्यकता है एक तत्वदर्शी संत की और उनके द्वारा दिए गए सत्संगो पर अमल करने की उन्हें ग्रहण करने की।
तत्वदर्शी संत ही हमें अपने शास्त्रों का सही ज्ञान कराता है वो इसलिए क्युकी पूर्ण परमात्मा ही तत्वदर्शी संत की भूमिका करते है ओर अपने तथा स्वयं ही अपने द्वारा रची सृष्टि की ठीक जानकारी देते है तथा सत भक्ति प्रदान करते है जिससे जीवन की सभी समस्याएं ओर रोग नष्ट होते है
तत्वदर्शी संत की शरण मतलब उनके द्वारा दी गई नामदीक्षा लेकर सत भक्ति तन मन धन से समर्पित होकर करने से बड़ी से बड़ी बीमारियां कुछ ही पल में समाप्त हो जाती है ।सिर्फ सत भक्ति ही मानव के जीवन को स्वच्छ ओर स्वस्थ कर सकती है तथा पूर्ण मोक्ष की प्राप्ति होती है । तत्वदर्शी संत के सत्संग सुन लेन मात्र से ही काई समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है क्युकी उनके शब्द में शक्ति होती है ।
वर्तमान में पूरे विश्व में सभी धर्म गुरु शास्त्रों के विरुद्ध साधना बताकर खुद भी नरक भोगते है ओर उनके शिष्यों को भी कोई लाभ नहीं मिलता। परन्तु वर्तमान में सिर्फ संत रामपाल जी महाराज जी ही वो तत्वदर्शी संत है को शास्त्रों के अनुसार भक्ति देकर कई परिवारों को खुशहाल किया है । उनको रोगों से मुक्त ओर उनके जीवन का कल्याण किया है । जिसके लाखों लोग प्रमाण है जिनका जीवन संत रामपाल जी महाराज से नामदिक्षा लेने के बाद परिवर्तित हो गया । उनको नशे कि लत से , बुरी आदतों ओर विकारों से मुक्त कर दिया


Nice
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