दहेज समाज विनाशक
🏵️दहेज प्रथा एक बुराई 🏵️
प्राचीन काल से हि भारत में महिलाओं की प्रतिष्ठा और सम्मान समाज में उच्च रहा है । ओर उनके साहस और बलिदान को प्रोत्साहित किया है ।परन्तु कालांतर में जैसे जैसे लोगो की बुद्धि में बुराइयों ने घर किया वैसे वैसे महिलाओं कि स्थिति में हानि हुई है । उसके की कारण है जिससे महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है।
पुराने समय में अपनी बेटी को उसकी शादी में उपहार स्वरूप कुछ भेट दी जाती थी जिससे वह अपने जीवन को सुचारू रूप से चलाए । दहेज जैसी कोई कुरीति नहीं थी परन्तु समय बीतने पर ये धीरे धीरे एक प्रथा का रूप ले लिया जिसकी चक्की में वह बेटी पिसती थी जिसको शादी में दहेज दिया जाता है ।
🏵️दहेज का कैसे हो रहा है खात्मा🏵️
वर्तमान में दहेज़ प्रथा के कई घटनाएं समाचार पत्रों ओर टीवी के माध्यम से जानकारी मिलती है जो बहुत दर्दनाक होती है ।
ऐसी कुप्रथा को खत्म करना समाज से जरूरी है ओर बहुत जरूरी है एक सभ्य समाज के निर्माण के लिए... इसका संकल्प लिया है तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ओर उनके करोड़ों अनुयाइयों ने जो संत जी की शिक्षा का पालन करते हुए बिना अतिरिक्त फिजूल खर्ची के ओर बिना किसी दहेज के बिलकुल साधारण तरीके से विवाह होता है ओर वो भी मात्र 17 मिनट में .. संत जी का कहना है कि समाज में समानता और भाईचारा बढ़ाने के लिए ओर महिलाओं कि स्तिथि को सही करने के लिए जरूरी है दहेज रूपी बीमारी को खत्म करना । उसके लिए जरूरी है आवश्यकता से अधिक इस लोक दिखावा वाली परम्परा को जड़ से खत्म करना आवश्यक है जो कि वर्तमान समय में संत रामपाल जी महाराज अपने ज्ञान के आधार से समाज में सुधार कर रहे हैं अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए साधना टीवी रात्रि 7:30 से 8:30 तक और जीने की राह पुस्तक
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