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संतो की शिक्षा

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संतो की शिक्षा                www.jagatgururampalji.org                     भारत एक ऐसा देश है जहाँ ऋषि मंडलेश्वरौ को भगवान का दर्जा दिया जाता है उनके उस भजे सो रह गए ,गुरु भजे हुए पर "| इसी कासुख की अपेक्षा की जाती है जो एक व्यक्ति भगवान से चाहता है क्योंकि सभी मनुष्य जानते है कि गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊपर होता है कबीर साहेब जी की वाणी है कि " गुरु बड़े गोविंद से, मन मे देख विचार ,हरि भजे वो राह गए गुरु भजे हो पार", इसलिए  गुरु को सर्व श्रेष्ठ माना जाता है मनुष्य जन्म में की मनुष्य को गुरु धारण करना आवश्यक ही है क्योंकि गुरु के बिना मोक्ष सम्भव नही है परन्तु आज जीव के सामने एक विकट समस्या यह है कि संसार मे लाखो गुरु है परन्तु सत साधना और सच्चा गुरु को है आईये जानते है कि हमारे सद्ग्रन्थों के अनुसार पूर्ण गुरु की क्या पहचान होती है संत की परिभाषा :- सच्चे संत की यह पहचान होती  है जो अपने विचारों और ज्ञान से मानव को एक स्वच्छ जीवन व विकार रहित जीवन जीना सिखाये ओर मोक्ष का ...

संतो की शिक्षा

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 संतो की शिक्षा  wwwjagatgururampalji.org भारत एक ऐसा देश है जहा पर सभी साधु संतो का आदर सत्कार किया जाता है भारत की भूमि को संतो की पवित्र भूमि कहा जाता है यहाँ हर व्यक्ति परमात्मा की सत साधना करने के लिए गुरु धारण करता है परन्तु संसार में गुरु की बाढ़ सी आई हुई है इसमें यह समझ पाना की कोन है पूर्ण संत इस बात का निर्णय लेना बड़ा ही मुश्किल हो गया है आज का व्यक्ति संत उन्हें मनाता है जिन्होंने कंठी माला और भगवा वस्त्र धारण कर रखे हो...... यह कोई पहचान नहीं है पूर्ण संत की जो पूर्ण संत होता है वह परमातम की सत भक्ति के साथ साथ व्यक्ति के विकारो को भी ख़तम करता है और मनुष्ये जन्म का मूल उद्देश्य जिव को समझाते है क्योकि वह इस बात से परिचित होते है की यह सब काल का लोक है यहाँ किस बात पर मनुष्ये ख़ुशी मना रहा है " एक बार एक सेठ था वह एक संत के आश्रम में गया! उन संत की कृपा से उस सेठ को बहुत अच्छा लाभ अपने कारोबार में हो रहा था वह सेठ खुश होकर उन संत के लिए सेब संतरो और केलो का बड़ा थैला  भरकर उनके पास ले गया उस संत ने उन फलो को अपने कुछ शिष्यों को बाँट दिए तब सेठ ने संत ...